
Cine-Maya
भारतीय सिनेमा के इतिहास को अगर भारतीय सिनेमा का पुरुष इतिहास कहा जाए तो कुछ ग़लत नहीं होगा. सिनेमा और ओरतें...ये ज़िक्र छेड़ा जाए तो आमतौर पर दिमाग़ में उभरते हैं पर्दे पर नज़र आने वाले चंद किरदार, कुछ चकाचौंध करने वाले चेहरे और ग्लैमर का बाज़ार. फ़िल्म निर्देशकों का ज़िक्र हो तो क्या आपको कोई महिला निर्देशिका एकदम से याद आती है? चलिए एक कोशिश करते हैं हमारे आस पास मौजूद होकर भी नज़र ना आने वाली इ…Social links:
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9 clip(s)
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एपिसोड. 08: अलंकृता श्रीवास्तव: रोक सको तो रोक लो!32:52 - 2
एपिसोड. 07: शोनाली बोस: सुलगते सवालों से जूझने की ज़िद!30:33 - 3
एपिसोड. 06: राजश्री ओझा: शहरी नज़र, ग्लोबल नज़रिया!29:15 - 4
एपिसोड. 05: लीना यादव: 'शब्द' से 'राजमा चावल' तक36:22 - 5
एपिसोड 04. पारोमिता वोहरा: बेबाक, बिंदास और बेख़ौफ़ ज़ुबान48:00 - 6
एपिसोड. 03: अरुणा राजे पाटिल: कहानी ता-उम्र जूझने की44:39 - 7
एपिसोड. 02: तनूजा चंद्रा, थ्रिलर और छोटे शहर42:23 - 8
एपिसोड 01. नंदिता दास का सिनेमाई सफ़र41:59 - 9
एपिसोड. 00: क्या है सिने-माया ?01:40