उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक तुम्हें तुम्हारे लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।
39 वर्ष के छोटे से जीवन काल में स्वामी विवेकानंद अपने अलौकिक विचारों की ऐसी बेशकीमती पूंजी सौंप गए, जो आने वाली अनेक शताब्दियों तक समस्त मानव जाति का मार्गदर्शन करती रहेगी। 12 जनवरी, उनकी जयंती के शुभ अवसर पर, स्वयं की ख…