
Kanha Ki Mastibhari Kahaniyan | कान्हा की मस्ती भरी कहानियाँ
कई नाम है इसके, सबके प्यारे हैं वो, नटखट, माखन चोर, मैया यशोदा की आँखों के तारे, नन्दबाबा के दुलारे, ग्वालों के सखा, राधा के श्याम, गोपियों के प्रिय है वो। श्री कृष्ण ने द्वापर युग में पृथ्वी पर अपनी लीलाएँ रची। उनकी लगभग 127 साल की जिंदगी को तीन लीलाओं में बाँटा गया है। जन्म से लेकर 11 साल 6 महीने में रची गई ब्रज लीला, उनकी मन मोह देने वाली नटखट मस्तियों के साथ अनेक असुरों के उद्धार का उल्लेख करत…Social links:
Follow the podcast:



27 clip(s)
- 1
कान्हा का बृज | Kanha ka Brij15:46 - 2
मथुरा में कंस का अंत | Mathura Mein Kans Ka Ant22:05 - 3
कृष्ण का मथुरा प्रवेश और धनुष भंग | Krishna Ka Mathura Pravesh Aur Dhanush Bhang19:56 - 4
अक्रूर के साथ कृष्ण की मथुरा यात्रा | Akroor Ke Saath Krushna Ki Mathura Yatra19:00 - 5
केशी, व्योम उद्धार और अक्रूर का वृंदावन आगमन | Keshi, Vyom Uddhar aur Akroor Ka Vrundavan Aagman18:17 - 6
विद्याधर मोक्ष और अरिष्ठासुर उद्धार | Vidyadhar Moksh aur Arishtasur Uddhar17:54 - 7
कृष्ण और गोपियों की अद्भुत लीला- रासलीला | Krishna aur Gopiyon Ki Adhbhut Leela - Raasleela19:44 - 8
बाँसुरी और मोरपंख: कान्हा के प्रतीक | Bansuri Aur Mayur Pankh: Kanha Ke Pratik14:01 - 9
मुरलीमनोहर संग वर्षा और शरद ऋतु | Murlimanohar Sang Varsha aur Sharad Ritu15:19 - 10
ग्वालों का वैकुंठ दर्शन | Gwalon Ka Vaikunth Darshan09:04 - View more clips